LIC Annuity Plan: अगर आप कम जोखिम में नियमित आय चाहते हैं, तो एलआईसी से जुड़ी बचत योजनाएं 2026 में फिर चर्चा में हैं। कई निवेशक पारंपरिक फिक्स्ड डिपॉजिट के बजाय ऐसी स्कीम खोज रहे हैं जहां एकमुश्त निवेश के बाद हर महीने तय रकम मिलती रहे। भारत की प्रमुख बीमा कंपनी Life Insurance Corporation of India की कुछ एन्युटी और गारंटीड इनकम योजनाएं इसी जरूरत को पूरा करती हैं। खासकर वरिष्ठ नागरिकों और रिटायरमेंट प्लानिंग करने वालों के लिए यह विकल्प आकर्षक बनता जा रहा है।
एलआईसी की फिक्स इनकम आधारित योजनाएं कैसे काम करती हैं
एलआईसी पारंपरिक बैंक एफडी की तरह सीधी जमा योजना नहीं चलाती, लेकिन उसकी सिंगल प्रीमियम एन्युटी और गारंटीड रिटर्न योजनाएं नियमित आय का विकल्प देती हैं। इन योजनाओं में आप एक बार एकमुश्त निवेश करते हैं और चुनी गई अवधि या जीवनभर के लिए निश्चित आय प्राप्त करते हैं। भुगतान मासिक, तिमाही, अर्धवार्षिक या वार्षिक आधार पर लिया जा सकता है। रिटर्न की दर योजना, उम्र और भुगतान विकल्प पर निर्भर करती है। यही कारण है कि इसे अक्सर एफडी जैसा सुरक्षित विकल्प माना जाता है, हालांकि तकनीकी रूप से यह बीमा आधारित एन्युटी प्रोडक्ट होता है।
₹1.5 लाख निवेश पर ₹9,500 पाने का गणित समझें
मान लीजिए आप लगभग ₹1.5 लाख की सिंगल प्रीमियम राशि किसी उपयुक्त एन्युटी योजना में लगाते हैं। यदि वार्षिक रिटर्न और भुगतान संरचना ऐसी हो कि आपको सालाना करीब ₹9,500 के आसपास गारंटीड आय मिले, तो इसे मासिक आधार पर विभाजित करने पर लगभग ₹790 से ₹800 प्रति माह मिल सकते हैं। कुछ विशेष आय विकल्पों में शुरुआती वर्षों में अधिक भुगतान या बोनस लाभ भी जुड़ सकते हैं, जिससे कुल प्राप्त राशि बढ़ सकती है। वास्तविक रकम आपकी उम्र, चुनी गई योजना और भुगतान विकल्प पर निर्भर करेगी। इसलिए निवेश से पहले आधिकारिक इलस्ट्रेशन जरूर देखें।
किन लोगों के लिए उपयुक्त है यह विकल्प
जो लोग रिटायरमेंट के बाद स्थिर और पूर्वानुमानित आय चाहते हैं, उनके लिए एलआईसी की एन्युटी योजनाएं उपयोगी हो सकती हैं। खासकर वे निवेशक जो बाजार आधारित जोखिम नहीं लेना चाहते और पूंजी की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं, उनके लिए यह विकल्प संतुलित माना जाता है। छोटे निवेश से नियमित आय शुरू करने की सुविधा इसे मध्यम आय वर्ग के लिए भी सुलभ बनाती है।
टैक्स और सुरक्षा पहलू
एलआईसी की योजनाएं सरकार द्वारा नियंत्रित बीमा ढांचे के अंतर्गत आती हैं, जिससे निवेशकों को भरोसा मिलता है। हालांकि एन्युटी से मिलने वाली आय आमतौर पर कर योग्य हो सकती है, इसलिए टैक्स देनदारी को समझना जरूरी है। निवेश से पहले अपने आयकर स्लैब और कुल आय का मूल्यांकन करना बेहतर रहता है ताकि वास्तविक नेट इनकम का अंदाजा लगाया जा सके।
Conclusion: कम निवेश में नियमित और गारंटीड आय की तलाश करने वालों के लिए एलआईसी की एन्युटी आधारित योजनाएं 2026 में भी प्रासंगिक बनी हुई हैं। ₹1.5 लाख जैसे सीमित निवेश से सालाना लगभग ₹9,500 तक की स्थिर आय संभव हो सकती है, बशर्ते सही योजना और भुगतान विकल्प चुना जाए। निवेश से पहले योजना की शर्तें, रिटर्न संरचना और टैक्स प्रभाव को ध्यान से समझना आवश्यक है ताकि भविष्य की आय सुरक्षित और स्थिर बनी रहे।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें बताए गए आंकड़े उदाहरण मात्र हैं और वास्तविक रिटर्न योजना, उम्र और चयनित विकल्प पर निर्भर करेंगे। निवेश से पहले Life Insurance Corporation of India की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत एजेंट से विस्तृत जानकारी प्राप्त करें। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना उचित रहेगा।
